खुले नभ में सपने कई

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यह कविता उन लोगों के ऊपर है जो सपने देखते और उन सपनों के पीछे भागते हैं हर एक उस व्यक्ति की बात कही गई हैं जो महत्वकांक्षी है इसके साथ ही उन लोगों की भी बात कही गई हैं जो स्वार्थ के वशीभूत होकर अपने कुछ निजी सपनों को पूरा करने की होड़ में आम जनता का नुकसान करने से भी नहीं कतराते ।

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया...

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राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2020, भारत में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जन्म दिवस के मौके पर मनाया जाता है। यह दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 11 नवंबर को मनाया जाता है साथ ही मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्य को याद किया जाता है।

चुनावी राजनीति

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चुनावी राजनीति करने वाले बस वादे करते हैं ऐसे वादे जो कभी पूरे नहीं होते सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक चके जाते हो और आम जनता इनके जाल में फस जाती है।

वो छोटी सी लड़की…

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जीवन कैसे गुज़र जाता है पता ही नहीं चलता और समय के साथ बचपन की कुछ छोटी -बड़ी, अच्छी-बुरी आदतें भी बदल जाती है। अगर पीछे रह जाते हैं तो उस समय के कुछ अच्छे क्षण
राम मन्दिर 490 साल पूराना संकल्प

राम मन्दिर 490 साल पूराना संकल्प

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राम का नाम आते ही बिगड़े काम बन जाते हैं लोगों के। तब राम जी पर आया संकट टलने में क्युं लग गये सदियाँ? पहले उनके मन्दिर को तोड़ा गया फ़िर वज़ूद मिटाने का पुरजोर प्रयत्न किया गया। मन्दिर तोड़ मस्जिद बनाया।
कॉंग्रेस के परिवार की पराकाष्ठा !

कॉंग्रेस के परिवार की पराकाष्ठा !

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पिछले सप्ताह से राजीव गाँधी फाउंडेशन (आरजीएफ) के माध्यम सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, प्रियंका बाड्रा और कॉंग्रेस के कुछ लोग जबरदस्त चर्चा में आ रहे हैं | कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी आरजीएफ की अध्यक्ष हैं | चंदे के नाम पर सोनिया गाँधी ने 2006-07 में चीन के 90 लाख रूपये आरजीएफ के लिये स्वीकार किया |
हमारा पड़ोसी धोखेबाज चीन

हमारा पड़ोसी धोखेबाज चीन

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चीन भी हमारा पड़ोसी देश है | और भी कई देश हमारे पड़ोस में हैं जिनकी सीमाएं हमारी सीमा से जुड़ती है | चीन हमारे देश से धनी है इसको हम इंकार नहीं कर सकते | उसके धनी बनने में चीन की विस्तारवादी नीति का महत्वपूर्ण योगदान है | पड़ोस के छोटे देश को जबरन अपने में मिलाकर उसके संसाधनों का दोहन कर आर्थिक स्थिति को मजबूत करना उसका उद्येश्य है |
मजदूरों का पलायन क्यों?

मजदूरों का पलायन क्यों?

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मजदूरों का पलायन सब दिन होता है | काम की खोज में गाँव से शहर, एक शहर से दूसरे शहर आना जाना लगा रहता है | इस समय उनका पलायन कोरोना महामारी के डर से तो है ही, उसकी आड़ में पलायन की समस्या पर हो रही राजनीति से अधिक खतरा महसूस कर रहे थे | कोरोना महामारी से बचना संभव था लेकिन अगर राजनीति में फँस गये तो जीवन भर मरते रहना पड़ेगा | इस विकट समस्या ने उन्हें गाँव का रुख लेने को बाध्य कर दिया |
कोरोना काल : लोगों में समझदारी बढ़ीं है !

कोरोना काल : लोगों में समझदारी बढ़ीं है !

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कोरोना महामारी से पूरी दुनियाँ घबराई हुई है | लाखों लोगों की जानें गई है क्योंकि इसकी कोई दवा नहीं है और न हीं कोई वैक्सीन तैयार हो पाया है | परहेज और रोग से लड़ने की अपनी शारीरिक क्षमता ही इसके बचाव हैं | भारत में लोकडाउन और इसके दूसरे पहलू सोशल डिसटान्सिंग (सामाजिक दूरी) से बहुत लाभ हुआ है | जनसंख्याँ के दृष्टिकोण से यहाँ मरने बालों की संख्याँ का प्रतिशत कम है |
कॉंग्रेस क्यों हारी ?

कॉंग्रेस कोरोना महामारी पर अपनी नीति स्पष्ट करे !

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राजस्थान में कोरोना से संक्रमित पहला मरीज भीलवाडा में चिह्नित हुआ | इसके साथ ही वहाँ की जनता ने अपने आप को लौकडाउन में रख लिया जिसमें उन्हें प्रशासन की पूरी मदद मिली | लौकडाउन के नियमों को अक्षरस: पालन करने के बाद भी संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ी और वो 28 तक पहुँच गई | दो व्यक्तियों की मौत भी हो गई | लेकिन वहाँ के लोगों ने धैर्य बनाये रखा और लौकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन किया| आज की परिस्थिति में भीलवाड़ा कोरोना से मुक्त हो गया | इसके लिये वहाँ के निवासी प्रशंसा के पात्र हैं जिन्होंने खुद को और समाज को साथ ही प्रशासन को भी परेशानी से बचाया |
लौकडाउन जरूरी है

लौकडाउन जरूरी है

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कोरोना का कारण मानवीय भूल या प्राकृतिक दंड है इस पर चर्चा हमने “कोरोना की वास्तविकता क्या है” शीर्षक ब्लॉग में की थी | कारण जो भी हो जबतक हमारे वैज्ञानिक / डाक्टर इसकी दवा और टीका तैयार नहीं कर लेते तबतक इस महामारी को फैलने से रोकने में ही हम सबों की भलाई है और इसलिये हमें एक दुसरे के संपर्क में नहीं आना चाहिए | सामाजिक दूरी (social distancing) बना कर रखना जरूरी है |
कोरोना की वास्तविकता क्या है?

कोरोना की वास्तविकता क्या है?

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ये कोरोना महामारी का काल है | इसकी कोई दवा नहीं है | विशेषज्ञों की राय है कि लोग घर में हीं रहें | ना किसी से मिलें और दूसरे को भी मिलने देने में परहेज करें क्योंकि यह महामारी एक दुसरे के संपर्क में आने से ही फैलता है | लोगों के धैर्य और आत्मबल की परीक्षा की घड़ी है |

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पोल्ट्री मार्केट को आज से 10 दिनों के लिए बंद किया...

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बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सीएम ने लाइव बर्ड के आयात पर रोक और गाजीपुर पोल्ट्री मार्केट को आज से 10 दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया है हालांकि दिल्ली में अभी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।

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