नागरिकता कानून संशोधन २०१९ का विरोध क्यों ?

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नागरिकता कानून संशोधन २०१९ का विरोध क्यों ?
नागरिकता कानून संशोधन २०१९ का विरोध क्यों ?

भाजपा द्वारा लाये गये नागरिकता कानून में संशोधन का आज जो लोग विरोध कर रहे हैं वे तो उसे पहले से हीं सांप्रदायिक मान रहे थे | उन्हें अछूत माना जाता था | फिर विपक्षीयों ने देश की राजनीति को कैसी दिशा में लेकर गई जो भाजपा को इतनी ऊँचाई तक पहुँचाने में मददगार साबित हुआ | उदाहरण के तौर पर शदियों से चली आ रही अयोध्या में रामजन्म भूमि पर राममंदिर  निर्माण की समस्या और आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक कोढ़ ‘समस्यायेकश्मीर’ को भाजपा सरकार ने मात्र साढ़े पाँच साल के अपने शासनकाल में स्थायी समाधान कर दिया | न चाहते हुए भी विपक्षियों को अपनी राजनीतिक किला को ताश के पत्ते की तरह ढहते हुए देख बर्दास्त करना पड़ा |

भारत के पूर्व प्र.मंत्री नेहरू और पाकिस्तान के पूर्व प्र.मंत्री लियाकत अली के बीच नागरिकता पर हुए समझौतों का दोनों पक्षों की ओर से नकारात्मक रवैया अपनाने के फल:स्वरुप एवं सालों साल से रह रहे पाकिस्तान , बांग्लादेश और  अफगानिस्तान के शरणार्थियों को एक मानवीय जिन्दगी जीने के रास्ते साफ करने के लिये भाजपा सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन किया है | हलांकि इस संशोधन से पहले भी इस में संशोधन कर तीन लाख तमिल शरणार्थियों को भारत की नागरिकता पूर्व की कॉंग्रेस सरकारों ने प्रदान किया था | भाजपा की वर्तमान सरकार ने भी अपने कार्यकाल में लगभग छ: सौ मुस्लिमों को भारत की नागरिकता दे चुकी है | लेकिन अब तक की सरकारों को पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से आकर भारत में रह रहे वहाँ के अल्पसंख्यक हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के शरणार्थियों को उनके नारकीय जीवन से बाहर निकालने में कोई रूचि नहीं थी | इसमें उनका अपना दूषित राजनीतिक दृष्टिकोण था | अब भाजपा की सरकार ने उन लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान कर उनकी दशा को सही करने का प्रयास किया है तो विपक्षी दल हाय हाय कर रहें हैं | नैतिक एवं वैधानिक रूप से भाजपा को नीचा दिखाने का दम कब  का खो चुका  विपक्ष अब भोली भाली जनता को अनैतिक और गैरक़ानूनी तरीके से सरकार का विरोध करने के लिये सड़क पर लाने की कोशिश कर रहा है |

सच्चाई तो यह है की इन सारी समस्याओं को विपक्ष अपनी राजनीतिक स्वार्थ के चलते लटका कर रख रही थी | उसने कभी सोचा भी नहीं था कि संसद में दो सदस्यों द्वारा देश की जनता का प्रतिनिधित्व करने बाला दल उसके सर चढ़ कर बोलेगा | उसकी नीति और रीति को जनता द्वारा इस तरह से नकार दी जाएगी | फुट करो राज करो की नीति ने आज विपक्षियों को वर्षों तक होश में आने नहीं देगा | विपक्ष हतोत्साहित हो गया है, किंकर्तव्यविमूढ़ है | देश हित में किये गये उनके अधूरे कार्यों को पूरा होते देख उन्हें खुस होना चाहिए | परन्तु प्रायश्चित करने के बदले वो हताशा में हिंसक हो रहे हैं और आम लोगों से हिंसा करवा कर अशांति फैला रहें हैं |

सच यही है कि विपक्षी दल अपनी गलती को छिपाने के लिये जनता को भ्रम में डाल कर नागरिकता कानून संशोधन २०१९ का विरोध कर रहें हैं | डरा कर उन्हें हिंसक बना रहे हैं | मगर लोग विपक्षीयों की चाल से पूरी तरह अब अवगत हो चुके हैं | भाजपा न तो अछूत था और न हीं सांप्रदायिक | विपक्ष और अधिक फजीहत से बचने एवं कमजोरी को छिपाने के लिये मज़बूरी में विरोध कर रहा है |

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