आर्थिक आधार पर आरक्षण के दूरगामी परिणाम

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आर्थिक आधार पर आरक्षण के दूरगामी परिणाम
आर्थिक आधार पर आरक्षण के दूरगामी परिणाम

भारत की आजादी से पहले के लोग चाहे वो राज-राजवाड़े से आते हों या आम नागरिक हों, गुलामी की जिन्दगी जीते थे | आजादी के बाद भी उन्हें या उनके वंशजों की जीवनशैली में गुलामी का परिवेश विद्यमान रहा | इन कारणों से स्कूल-कॉलेजों की शिक्षा से लेकर शासन-प्रशासन तक की व्यवस्था से गुलामी की गंध महसूस हो रही थी | इसी बीच नौकरियों में आरक्षण लाकर गुलामी की मानसिकता को फलने फूलने का एक और अवसर दिया गया | आरक्षण का लाभ धरातल तक सही ढंग से देने के बदले राजनेताओं ने सत्ता पाने के लोभ में समाज को बाँटने तथा उनके बीच नफ़रत एवं द्वेष उत्पन्न करने में बखूबी सफलता पायी |

आरक्षण का लाभ इक्के-दुक्के ने उठाया | वे बहुत सबल हो गये | अपनी ही बिरादरी/जाति के अन्य किसी को राजनीतिक गुलाम की तरह उपयोग कर लोकतंत्र में एक वोट बैंक बनाकर रखा | उन्हें जाति से बाहर कुछ भी जानने-समझने का अवसर नहीं दिया | वोट बैंक की राजनीति ने समाज की सारी मर्यादाओं को छिन्न -भिन्न  कर दिया | विस्फोटक स्थिति उत्पन्न हो गयी | तथाकथित राजे-महाराजे का एक इशारे भर का इंतजार था |

हमारे देश की संस्कृति की जड़े इतनी मजबूत है कि ऐसी ही विषम परिस्थितियों में कोई एक नायक जन्म लेता है | वह इतनी खुशबू बिखेर देता है कि इन परिस्थियों से निकला दुर्गन्ध पल भर में समाप्त हो जाता है | हमारे देश के इतिहास में ऐसी घटनायें कई बार देखने को मिलती है | उसी का अगला क्रम है आर्थिक आधार पर आरक्षण | इस मंत्र ने समाज के अधैर्य एवं गरीबों के आक्रोश को थाम लिया | समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी भाईचारा एवं विश्वास का माहौल बन रहा है | अमीर-गरीब होना तो अपनी मेहनत एवं लग्न पर निर्भर करता है | सच तो यह है कि लोग अपने सीमित साधनों का उपयोग किस तरह करते हैं |

वैसे तो यह मंत्र उनके लिये है जो पूर्व से प्रावधानित आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते हैं | मगर इसके दूरगामी परिणाम हैं | इससे उन विचारों पर लगाम लग जायेगा जो आरक्षण से वंचित लोगों को गुलाम बनाने की साजिश रच रहे थे | जाति-धर्म के नाम पर लोकतंत्र में वोट बैंक तैयार करने वालों की बोलती बंद हो जाएगी | समयानुक्रम में वोट बैंक की अवधारणा समाप्त हो जाएगी | राजनीतिक गुलामी से आजादी मिलेगी | प्रतिस्पर्धा में लोग आयेंगे | आरक्षण स्वतः निष्प्रभावी हो जायेगा | यह भी सच है कि इस महामंत्र से गरीबी भी मिटेगी | पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्द्रिरा गाँधी ने सर्वप्रथम गरीबी हटाओ का नारा दिया था लेकिन वो भी कुछ खास नहीं कर सकी | उस दिन से आज तक सरकारें आती जाती रही लेकिन परिणाम बिगड़ता ही गया | किसी भी सरकार ने  गरीबी मिटाने की दिशा में काम करने की हिम्मत नहीं जुटा पायी | आर्थिक आधार पर आरक्षण से जीवनशैली में बड़ा बदलाव आएगा जिससे समाज के अन्य लोग भी लाभान्वित होंगे | कोई भी अपने आपको को उपेक्षित महसूस नहीं करेगा और न ही कोई दुसरे को उपेक्षित समझेगा | नरेन्द्र मोदी जी का ये महामंत्र ऐतिहासिक एवं साहसिक कदम है | उन्होंने ‘सबका साथ सबका विकास‘का नारा सही साबित कर दिखाया |


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