भारत प्रगति पर है !

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भारत प्रगति पर है !

मैं भौतिक शास्त्र प्राध्यापक रहा हूँ | मुझे विकास दर क्या होता है, फिस्कल घाटा क्या है इसके बारे में मेरी जानकारी कोई खास नहीं है | मगर मैं इतना जरुर कह सकता हूँ कि आजादी के बाद  भारत में आर्थिक, राजनीतिक या शैक्षणिक क्षेत्रों में प्रगति की रफ़्तार बहुत धीमी रही है | इसके पीछे कई कारणों में राजनीतिक कारण सबसे महत्वपूर्ण रहा है | खास कर कश्मीर और कश्मीर में पाकिस्तान का हस्तक्षेप भारत की प्रगति में बाधा रहा है | भारत अपनी उर्जा का अधिकांश भाग कश्मीर और कश्मीर को अस्थिर कर देश को अस्थिर करने की पाकिस्तान की साजिस को झेलते रहने में लगाता रहा | फल:स्वरुप देश के अन्य क्षेत्रों की समस्यायें घटने की बजाय या तो स्थिर रही या बढ़ती गई | बड़ी बड़ी परियोजनायें अधूरी रहती चली गई | बड़े बड़े कल-कारखाने अर्थाभाव के कारण बंद पड़ गये | बंद होने के पीछे दृढ़ योजना शक्ति का अभाव भी हो सकता है मैं इससे इनकार नहीं कर सकता लेकिन मेरी सोच में देश की आर्थिक स्थिति इसके लिये मुख्य रूप से जिम्मेवार रहा है | हम सामरिक दृष्टि से भी कमजोर थे | राजनीतिक एवं सामरिक क्षेत्रों की कमजोरी के कारण हम पाकिस्तान और चीन की धमिकियों का उचित जबाव देने में कतराते थे| हलांकि बहुत कुछ रहते हुए भी इच्छा शक्ति के अभाव के कारण हम उन देशों के सामने अपने को सक्षम नहीं महसूस करते थे |

आज परिस्थितियाँ बदल गई है | हमने सबसे पहले कश्मीर पर ध्यान दिया| वहाँ की समस्याओं को परखने एवं समझने का काम किया | सामरिक महत्व की चीजों को समझा| सबसे मुख्य बातें यह रही कि हमने हिम्मत जुटाई और इच्छा शक्ति को दृढ़ किया | आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिये कालाधन को काबू में लाया | आधुनिक सामरिक उपकरण ख़रीदे | कश्मीर के अलगाववादियों पर नकेल कसे गये | वहाँ के शासन प्रशासन को चुस्त दुरूस्त कर आतंकियों को शूट ऐट साईट तक का आदेश पारित किया गया | आतंकियों के आका पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उसे दुनियाँ में मुँह दिखाने लायक नहीं छोड़ा | अपनी कूटनीति के बदौलत हमने दुनियाँ में एक अलग पहचान बनाली है | कूटनीति का दम देखिये: दो-तीन पहले की हीं बात है; जापान ने चीन को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि भारत की सदस्यता के बिना वो उसके द्वारा प्रायोजित “Regional Comprehensive Economic Partner” का सदस्य नहीं बन सकता | मालूम हो कि भारत पहले हीं इससे इनकार कर चुका है |

जरा विचार कीजिये, वही भारत है, वही संसाधन है, आज हम प्रत्येक क्षेत्र में अपेक्षा से अधिक विकास किये हैं | लाखों करोड़ रुपये आधुनिक सामरिक हथियार पर खर्च किये गये हैं | देश में हाइवे का जाल बिछ गया है | नया तो नया है, बिमार और बंद परियोजनायें चालू हो गये और चालू होने की स्थिति में हैं | स्पेस विज्ञान में दुनियाँ ने हमारा लोहा मान लिया है| सौर उर्जा के क्षेत्र में हमारा एकाधिकार है |  हमने खुद न्यूक्लिअर मिसाइल टेक्नोलोजी विकसित कर लिया है साथ ही अत्याधुनिक मारक विमान निर्माण क्षमता भी हासिल हर ली है | सामाजिक अवस्था एवं व्यवस्था के सुधार हेतु आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य वीमा, अटल पेंशन योजना आदि कई नये कार्यक्रम चालू हैं | कश्मीर का कोढ़ धारा 370 को हटाया गया | पड़ोसी और जरूरतमंद देशों को आर्थिक मदद एवं राजनीतिक संरक्षण प्रदान किया जा रहा है | ये सभी कार्यक्रम कैसे और कहाँ से हो रहा है, भारत ने कहीं से या किसी से कोई कर्ज लिया हो ऐसी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है | तो फिर ये सब कैसे सम्भव हो रहा है | जाहिर है हमने अपनी इच्छा शक्ति को जागृत किया और अपने संसाधनों का उचित रूप से उपयोग किया | मैं पहले ही कह चुका हूँ कि मुझे अर्थशास्त्र की जानकारी नहीं है मगर मुझे जो पटल पर दिख रहा है उस आधार पे निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि इतने कम समय में इतना आगे बढ़ना हमारी नई सोच और लगन का प्रतिफल है | भारत प्रगति पर है सही है |

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