भारतीय रेल के दूसरे आयाम

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भारतीय रेल के दूसरे आयाम
भारतीय रेल के दूसरे आयाम

भारतीय रेल आवागमन का एक साधन ही नहीं वह भारतीय सभ्यता और संस्कृति की सबसे सटीक गवाह है | देश के एक छोड़ से दूसरे छोड़ तक जब आप सफर करेंगे तो इसका प्रमाण खुद-बखुद आपको मिलता जायगा | इतना ही नहीं वो देश की एकता और अखण्डता बनाये रखने का भी पैगाम देती है | ‘हम एक हैं‘ इसका वो ज्वलंत उदाहरण है |

सफर तय करने में सैंकड़ो स्टेशन मिलते है जहाँ से होकर रेल गुजरती है | आप हर स्टेशन की चाय, नास्ते, भोजन में भिन्नता पायेंगे | एक ही व्यंजन का स्वाद भिन्न होगा जो भिन्न-भिन्न स्थानों में उत्पादित होने वाले कच्चे सामानों के स्वाद में भिन्नता के कारण होता है | मजे की बात तो यह है कि उनका नाम भी कहीं कहीं भिन्न होता है और व्यंजन में उपयोग किये जाने वाले कच्चे सामानों का आकर प्रकार भी अलग-अलग देखने को मिलता है |

खाने पीने के सामानों के अतिरिक्त बोल-चाल की भाषा भी बदला हुआ महसूस करेंगे | सम्भव है आपको समझ न भी आये और आपको अनुवादक की आवश्यकता पड़ जाये | ट्रेन में चढ़ने-उतरने वालों के पहनावे ओढ़ावे में भी आपको फर्क नजर आयगा | ओढ़ावा पहनावा एवं खान-पान को देख कर आप आसानी से स्थान विशेष को पहचान सकते हैं | भगवान तो एक ही हैं सब जगह, मगर आस्था की मूल अवधारणा को छोड़कर पूजा की विधि में भी कहीं-कहीं भिन्नता मिलेगी |

भारतीय रेल बिना कोई अतिरिक्त प्रभार लिये आपको अनेकताओं का दर्शन करवा देती है | इस तरह अनेकताओं में एकरूपता का सबसे बड़ा गवाह भारतीय रेल है जिसे आप भी प्रमाणित करेंगे | धन्यवाद है भारतीय रेल को |


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