CAA और NRC का विरोध भी भाजपा का समर्थन-एक विश्लेषण ऐसा भी !

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कौन बाँट रहा है देश को?
कौन बाँट रहा है देश को?

देश में भारतीय नागरिक के अतिरिक्त भी लोग रह रहें है | एक शरणार्थी हैं और दूसरा घुसपैठिये | ऐसे तो दोनों यहाँ रहने के लिये अनिधिकृत है लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है | शरणार्थी अपनी पहचान उजागर कर रहते हैं और अपने को विदेशी नागरिक होने का वैध प्रमाणपत्र पेश कर भारत में रहने के लिये भारत की नागरिकता की माँग करते हैं जबकि घुसपैठिये छिप कर रहते हैं , अपनी पहचान छुपाते हैं और कानून व्यवस्था को भी धत्ता दिखाते हैं | ये बात भी सच है कि घुसपैठिये की संख्याँ यहाँ बहुत अधिक है जिसका खासा असर यहाँ के सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है | आसाम तो इस समस्या को लेकर वर्षों से जल रहा है |

भाजपा सरकार की नीति स्पष्ट रूप से समझ में आ रही है कि वो विकास के साथ वर्षों से सामाजिक , धार्मिक एवं जातीय समस्याओं से जूझ रहे देश को मुक्त करना चाहती है | उसी की एक कड़ी है सीएए जिसके द्वारा पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यक शरणार्थियों जो 1947 और उसके बाद पीढ़ी दर पीढ़ियों से यहाँ रह रहे हैं, को  भारत की नागरिकता प्रदान करने रास्ता साफ कर दिया गया है | सीएए अब लागू है, ये सारे अब भारतीय नागरिक हो जायेंगे | भाजपा विरोधी दलों को ये रास नहीं आ रहा है | कौंग्रेस अपने सहयोगियों के साथ सड़कों पर उतर गई है | ये उत्तर प्रदेश, कर्णाटक और गुजरात जो भाजपा शासित राज्य हैं  में मुख्य तया केन्द्रित हैं | इन राज्यों के मुसलमानों को भड़का कर एवं कुछ असामाजिक तत्वों के सहयोग से वे लोग भाजपा को बदनाम करना चाहते हैं और सरकार को दबाव में लाकर अयोग्य करार करना चाहते हैं | कहीं कहीं  प्रदर्शन हिंसक भी हुए हैं | कितनी जाने भी गई है | सरकारी सम्पति की क्षति की गई है | दिल्ली भी अछूता नहीं है | कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल भी खड़े किये जा रहे है |

विरोधी दलों का प्रदर्शन उनसे शासित राज्यों में नहीं के बराबर है |  वहाँ के मुसलमान सीएए को भलीभांति समझते हैं ! और वहाँ की सरकार कानून और व्यवस्था बिगड़ने की बद्नामी से बचने के लिये मुसलमानों को भड़काने से परहेज कर रही है या वहाँ के मुसलमानों उनके झांसे में नहीं आ रही है | वो इस बात को लेकर  अचंभित हैं कि एक कानून के आधार पर उत्तर प्रदेश के मुसलमानों की नागरिकता छीन जायेगी और मध्य प्रदेश बालों की बरकरार रहेगी | उनको भरोसा है कि इस कानून से उनकी नागरिकता को  कोई खतरा  नहीं है | वास्तविकता भी यही है की किसी भी भारतीय मुसलमान को इससे खतरा नहीं है | मुसलमानों में भी इस मुद्दे पर कॉंग्रेस की दोहरी नीति की समझ धीरे धीरे आ रही है`| आम जन देख रहे है कि प्रदर्शनकारियों में सम्मिलित उग्रवादी एवं असामाजिक तत्व पकडे जा रहे है जिसमें विदेशी भी शामिल है | इस सिलसिले में 15 से अधिक बंगलादेशी उग्रवादी का नाम आ रहा है | परिणाम स्वरुप अब भाजपा शासित राज्यों में अन्य राज्यों के देखा देखी मुसलमानों का आन्दोलन भी कमजोर पर रहा है | इन घटनाओं से यह भी उजागर हो गया कि दंगा और हिंसक प्रदर्शन के पीछे कॉंग्रेस है | छात्र आन्दोलन के माध्यम मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को उभार कर कौंग्रेस उनको सड़क पर तो ले आयी लेकिन अपनी हीं दोहरी नीति के कारण बुरी तरह फँस गयी |

एनआरसी पर भी भाजपा की चाल सफल रही | अभी एनआरसी  आसाम तक ही सीमित है | इसे पूरे देश में लागू करना भाजपा का एक विचारणीय मुद्दा है | घुसपैठिये देश के लिये खतरा है जिसे भाजपा स्वीकार करती है | और यह बिल्कुल सही भी है | उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में वह पूरे देश में एनआरसी लागू कर सारे घुसपैठियों को बाहर करना चाहती है | भाजपा की सोच देश हित में है जिस पर वो लोगों की राय जानना चाहती थी | कॉंग्रेस ने सीएए और एनआरसी को एक साथ जोड़ कर इन आन्दोलन के जरिये उन सबों की पहचान करवा दी जो एनआरसी आने के बाद विरोध में आते | वे सारे विषय एवं सम्भावित परिस्थितियाँ उजागर हो गई जो एनआरसी के लागू होने के बाद उत्पन्न होते | एक तरह से यह माना जा सकता है कि कौंग्रेस एवं उसके सहयोगियों का विरोध भाजपा के भावी कार्यक्रम के रास्ते आसान बना दिये हैं और भाजपा को ससमय इसका लाभ मिलेगा |

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