कॉंग्रेस क्यों हारी ?

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कॉंग्रेस क्यों हारी ?
कॉंग्रेस क्यों हारी ?

मोदी को हटाना है | क्यों और कैसे हटाना है | दोनों फ्रंट पर कॉंग्रेस फेल हो गई | कॉंग्रेस को अपना मत क्यों दिजीये यह विषय तो उन्होंने अछूता हीं छोड़ दिया | देश में वेरोजगारी, किसानों की समस्या, न्यूनतम आय योजना के सम्बन्ध में वो अपनी ही विचार धारा जिसे जोर शोर से उठाया था, पर चुप्पी साध ली क्योंकि उनके पास उसके हल में काल्पनिकता ज्यादा थी और वास्तविकता हेतु प्रमाण का अभाव कोई ठोस एवं कारगर श्रोत जुटाना कठिन नजर आ रहा था | क्षणिक लाभ के लिये घोषणा पत्र तैयार किया हुआ लग रहा था |

चुनाव का समय आते आते चुनाव पूर्व देश में लायी गई सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक समस्यायें जैसे असहिष्णुता, मोब लिंचिंग, न्याय प्रणाली में कुव्यवस्था एवं अविश्वसनीयता आदि से उत्पन्न भय और निराशा का बादल पूरा का पूरा छंट गया | जनता ने बड़ी ही सहजता से राजनीतिक दलों की गतिविधियों को परख रही थी | राफेल लड़ाकू विमान खरीद में तथाकथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को जनता के बीच बड़े हीं ताम झाम से लाया गया | अति उत्साह में सरकार को क़ानूनी रूप से भी कठघरे में खड़े करने के लिये उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली मगर वहाँ उसे मुँह की खानी पड़ी | कोर्ट के आदेश के आलोक में गलत संदेश जनता के बीच प्रचारित किया जाने लगा | कॉंग्रेस की बहुत बदनामी हुई | अध्यक्ष राहुल गाँधी को लिखित क्षमा याचना करनी पड़ी |  भ्रष्टाचार का यह दाव उनके लिये उल्टा पड़ गया |

कॉंग्रेस की हार की जिम्मेवारी नीति निर्माताओं के ऊपर भी आती है | पार्टी की नीति निर्धारक मण्डली के कॉस्मेटिक् बुधिजिवियों ने दिल्ली के वातानुकूलित कमरे से देश के अन्य शहरों एवं गाँव के लोगों के मनोभाव को जो सरकार के पांच सालों के कार्यों से उपजी थी, का पार्टी के पक्ष में विश्लेषण कर अपने अध्यक्ष को चुनाव मैदान में भेजा | यहाँ चूक हुई | देश में अमन और शान्ति के वातावरण को सरकार विरोधी समझ बैठे | पार्टी ने धर्मनिर्पेक्षता और राष्ट्रवाद की अपनी नीति में मिलावट कर मन्दिरों में पूजा की और देश के टुकड़े करने वालों के समर्थन में अपने को खड़ा रखा | इससे जनता के बीच एक गलत संदेश गया | पार्टी ने अपने एजेंडों को दम ख़म से रखने के बजाय  “मोदी हटाओ देश बचाओ”  के नारों पर अपने को केन्द्रित कर लिया | ये सब उनकी अप्रत्याशित एवं अस्वाभाविक भूल  नहीं थी |

कॉंग्रेस की हार उनके कॉस्मेटिक् बुधिजिवियों, भटकी हुई राष्ट्र नीति, छद्म धर्मनिर्पेक्षता, आवेश में दिखावे के लिये लिया गया निर्णय के कारण हुआ है |

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