दर्द वाला आरक्षण

0
6
दर्द वाला आरक्षण
दर्द वाला आरक्षण

जीने के लिए अन्न से बेहतर है आरक्षण
जीना है तो दे दो इनको इनका आरक्षण।
धूप दिखा तो छाया मांगे आरक्षण।
ऊंची नीची सबकी मांगे आरक्षण ।
डाक्टर बनके लूटा जिसने, मांगा उसने आरक्षण।
फर्जी मकान बनाया जिसने, मांगा उसने आरक्षण। 
जीवन नर्क बनाया जिसने, मांगा उसने आरक्षण। 
अपनो ने लूटा गैरों ने बांटा कहीं का न छोड़ा, 
भाँति भाँति दर्द दिया यह आरक्षण। 
जहां देखो पैर पसारे जड़ जड़ फैला आरक्षण। 
मंजिल दिखा राह मिला बना रूकावट आरक्षण। 
जीना पड़ा सह सह कर, हौसला न छोड़ा था, 
हार गया तब हिम्मत अपना जब सामने पाया आरक्षण। 
जिन्दगी मिली जीने के लिए जंजीर बना डाला आरक्षण। 
आरक्षण आरक्षण आरक्षण।।। 
अब न मिलेगा देखो तुमको यह आरक्षण ।
जीना है तो गर्व से जीयो मांगो युं न आरक्षण ।
सहयोग चाहिए हक से मांगो युं न मांगो आरक्षण ।
अपनी हिम्मत सबको दिखाओ, शीश उठाकर 
नजर मिलाओ। 
न बनो लाचार न दिखाओ अपनी लाचारी। 
जात हो कोई भी, नहीं हो तुम कोई भिखारी। 
नहीं लिया है ना ही लेंगे अपने दम पर जीतेंगे। 
ऐसा कह कर मिसाल बनाओ मिटा दो तुम यह आरक्षण।


Follow @India71_

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here