गौ रक्षा

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गौ रक्षा
गौ रक्षा

आज गौ माता एक बहुत ही दुखद परिस्थिति में आ गई है। आये दिन हम गाय से जुड़ी समस्याओं को देखते अथवा सुनते हैं। गाय से जुड़ी हमें कई टिप्पणी सुनने अथवा जानने के लिए मिलती है। आये दिन सोशल मीडिया में गाय से जुड़ी होनेवाली अपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाती है। कभी कोई पैसे के लालच में गाय को बेच देता है तो कहीं जाति के नाम पर काट दी जाती है। तो कभी आपसी मतभेद की बलि चढ़ा दी जाती है। आज गाय की यही वास्तविकता बन गया है। 

लेकिन अब लोगों को ये समझना होगा कि गाय, वो अमूल्य धरोहर है हमारी जिसके ऊपर हमारा पूरा आधार निर्भर है। हमें अगर शुद्ध वातावरण, शुद्ध अनाज और तो और शुद्ध पोषक तत्व चाहिये तो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से गाय से ही जुड़ना पड़ेगा।. महात्मा गांधी जी ने भी अपनी एक किताब में यह स्पष्ट रुप से कहा है कि ‘ गाय की सेवा मातृ सेवा से भी अधिक महत्वपूर्ण है ‘। माँ हमे जन्म के समय से कुछ समय तक दूध पिलाती है और हम सारी उम्र उनकी सेवा और देख भाल करते हैं। लेकिन गाय पूरी जिंदगी पोषण करती है, गोबर देती है जिससे हम खाद तैयार करके शुद्ध अनाज उपजाते हैं। गोबर गैस बनाके रसोई के काम में लाते हैं जिससे वातावरण भी दूषित नहीं होता है। हमारे जीवन की आधी से अधिक जरूरत गाय से मिले चीजों से ही पूरी होती है और बदले में हम थोड़ा घास फूस और पानी यही तो देते हैं। 

कितने देशों में तो गाय के ऊपर उनके देश की पूरी विकास निर्भर करती है। सबसे बड़ा उदाहरण तो अफ्रीकी देश रुआण्डा को ही ले लीजिये जहां हाल ही में हमारे प्रधानमंत्री जी गए तो 200 गायें तोहफे के रूप में ले गये। क्योंकि वहां जब भी कोई अतिथि जाते हैं तो उपहार के रूप में गाय ले जाते हैं वहां एक अभियान चलाया जा रहा है कि उपहार के गायों को गरीबों में बांट दिया जाता है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की जाती है। इस तरह देश का आर्थिक विकास भी होता है।

पूरी दुनिया ने गाय के महत्व को जान कर उसकी सुरक्षा के लिए कई अभियान चलाया है। लेकिन हम इतने जागरूक हो कर भी क्या गायों की सुरक्षा नहीं कर सकते हैं? हमे भी चाहिये कि हम गाय के महत्व को जाने समझे और कम से कम अपने आसपास के लोगों को समझाने का प्रयास करें। हम अगर किसी एक को भी गाय की सेवा और उससे होने वाले फ़ायदे के बारे में जागरुक कर सकते हैं तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी हमारे लिये। हम सबको नहीं समझा सकते लेकिन अगर कोई एक व्यक्ति भी हमारी सोच का समर्थन कर लिया तो हमे लगेगा कि हमने सैकड़ों गायों को बचा लिया। कभी भगवान् न करे कि हम किसी गाय को मरते या कटते देखे। लेकिन अगर ऐसा कभी हुआ तो हमसे जितना होगा हम उसे बचाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। ऐसा संकल्प हर इंसान को करना पड़ेगा तबही तो हम गाय जैसी अमूल्य धरोहर को बचा पाएंगे।

लोगों की सोच बहुत अजीब होती है। जब कहीं अपराध होता है तो हम मोर्चे लेकर निकल जाते हैं। आखिर अपराध करता कौन है हम में से ही न कोई। तो क्या हम अपने सोच पर संयम नहीं रख सकते हैं। अगर ऐसा हो जाय हम अपने मानसिकता को समझ जाये तो आधे से अधिक अपराध अपने आप ही समाप्त हो जायेगी। गाय हो या दूसरे कोई पशु ही क्यूँ न हो हमें उनकी सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। और हम अवश्य करेंगे। 

गाय किस्मत की वो रेखा है,
पास जिसके उसने बस ये देखा है
बच्चे बूढ़े लाए रौनक जीवन में हमारे, 
वैसे गाय से आए खुशियां सारे। 
बदनसीबी न आये कभी,
न हो कभी कोई अनहोनी।
सजती गौ माता जिस घर में, 
माँ अन्नपूर्णा रहती सदा उस घर में। 
गाय से सजा हो जो घर आँगन, 
खुशियां रहती उस घर हरदम। 
साथ न छोड़े सुख दुःख में वो, 
ढाडस देती माँ जैसी वो,
गौ माता है रूप कामधेनु की, 
इसकी सेवा मां लक्ष्मी जैसी।


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