हमारा देश हमारी पहचान

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हमारा देश हमारी पहचान
हमारा देश हमारी पहचान

हमारा भारत देश एक लोकतांत्रिक देश है | यहाँ पर कई राजनीतिक दल सक्रिय हैं | यहाँ पर हर कोई स्वतंत्र है अपना निर्णय लेने के लिए | फिर भी यहाँ पर कोई भी एक दल हमेशा के लिए जीत कर एक स्थान पर नहीं रह सकता | यहाँ की राजनीती में बदलाव आता रहता है |

लोग हमेशा ही कुछ नया की इच्छा रखते हैं ये गलत भी नहीं है | हम जिसे भी अपना प्रतिनिधि चुनते हैं उससे हमें कुछ आशाएं होती है | कुछ तो पूरा करते हैं कुछ नीजी स्वार्थ हेतु भुला देते हैं |

हमारा देश एक विकाशशील देश है, हमारे देश के हर राज्य के पास कुछ न कुछ है जो हमारे देश को उन्नत और विकाशशील बनता है | अगर उनका उपयोग सही और साफ मन से किया जाये तो हमारा देश फिर वही सोने की चिड़िया बन सकती है |

हमारे पास उद्योग के कई रस्ते हैं | शिक्षा के साधन हैं, विज्ञान से जुडी कई महत्वपूर्ण जानकारियां है | सुरक्षा हेतु तरह तरह के अस्त्र्शत्र हैं | विभिन्न क्षेत्रों में उत्तम दर्जे के शिक्षक वैज्ञानिक, कलाकार, अथवा जानकार लोग हैं|

इतना सब होने के बाबजूद क्या आपने कभी सोचा है की आज भी हमारी स्थिति इतनी दयनीय क्यों है | हमारे ही देश में इतनी अधिक कुपोषित बच्चे, बीमार परिवार, गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी क्यों है | क्योंकि हमारी राजनीती कमजोर है | हमने जिसे अपना प्रतिनिधि बना के आगे बढाया उसी ने हमें ठगा जिसपे भरोषा किया उसी ने हमें लूटा और बरबाद किया | जिसे भी देखो वो राजनीती में हमारे लिए नहीं अपने परिवार जाती अपने धर्म के लिए लड़ रहा है | उनसब को देश या देशवासियों की नहीं अपनों को चिंता है |

इतने सालों से जो हम सह रहे हैं क्या उसका अंत नहीं होना चाहिये | क्या हम किसी ऐसे राजनीतिक दल को अपना प्रतिनिधि नहीं बना सकते जिसका अपना कोई स्वार्थ न हो जो देश के लिए सोचता हो, गरीबों के लिए सोचता हो हमारे लिए सोचता हो | जिसकी नज़र हर धर्म जाती समाज पर एक जैसी हो जो हर क्षेत्र हर वर्ग की तरक्की पर एक सामान ध्यान और महत्व दे सके |

लकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी है की हम जिसके भी हाथ में अपना और अपने देश का भविष्य देंगे उसे हम अपना विश्वास और पूरा पूरा समय भी देंगे | क्योंकि बदलाव सहयोग के साथ पूरा समय भी माँगता है | धर्य ही हिम्मत है | हिम्मत ही विकास है |

“देश हमारा सम्मान है

देश ही पहचान है

समझने की बस बात है इतनी

इसकी पहचान न धर्म है और न जाती

इसके सम्मान के लिए उठाना है

इसकी रक्षा के लिए मर मिटना है

आ गया बस समय यही

एक जूट हो के दिखाना है

जो बातें जाती धर्म में हमको

उसको दूर भागना है

राह जरूर है काटों भरी

मिल कर आगे बढ़ना है” |

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