हिंसक भीड़ पर कानून की लगाम !

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हिंसक भीड़ पर कानून की लगाम !
हिंसक भीड़ पर कानून की लगाम !

आज सरकार के द्वारा बहुत ही महत्वपूर्ण कानून बनाने का प्रस्ताव रखा जा रहा है। “मॉडल कानून” यह कानून भीड़ के द्वारा फैलायी गयी हिंसा को रोकने के लिए बनायी जा रही है।

आये दिन छोटी अथवा बड़ी आंदोलन कब हिंसक रुख अख्तियार कर लेती है, मासूम और निर्दोष लोग यह समझ ही नहीं पाते। कभी हरताल के रुप में तो कभी किसी आन्दोलन के दौरान। किसी सरकारी वस्तु को नष्ट कर देना तो कभी बेकसूर निर्दोष लोगों को दंगा फैला कर मार देना। यह हमारे देश के भीड़ का अपना कानून बन गया है। तथापि यदी सरकार हस्तक्षेप करती भी है तो लोग आत्महत्या कर लेते हैं | या रोकने वाले पर ही अपना क्रूर रूप दिखा देते हैं।

आपने तो यह सुना ही होगा कि कई दिनों से लोग़ बच्चा चोरी की बात बड़े जोर शोर से कह रहे हैं और यह बात गलत भी नहीं है। अभी हाल ही की घटना है कि रांची के मिशनेरी हास्पिटल में 250 से भी अधिक बच्चों के गायब होने की घटना सामने आई। जांच होने पर पता चला कि इसी हास्पीटल की महाप्रबंधक पर यह आरोप है कि वह अपने सह कर्मियों के साथ मिलकर नवजात शिशुओं को गायब करती थी फिर उनको कुछ रुपयों के लिए जरूरत मंद अभिभावकों को बेच दिया करती थी। और इस मामले में कई हास्पिटल कर्मियों को  गिरफ्तार भी किया गया और वहां के कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

इस बच्चे चोरी की वारदात को तथाकथित सोशल मीडिया ने कुछ इस तरह से पेश किया की राह चलते कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है तो भीड़ उसे बच्चा चोर बताकर मार देती है। आज यह घटना हर राज्य में हो रहा है। 

अभी हाल ही में आरक्षण की मांग को लेकर कितना हो हल्ला मचा कि भीड़ ने किसी को मार दिया तो कही आंदोलन के नाम पर किसी ने आत्महत्या कर ली तो कहीं सरकारी चीजों को आग़ के हवाले कर दिया। 

इस तरह आये दिन यह सारी घटनायें घटती ही रहती है। कभी हरताल के नाम पर तो कहीं  रैलीयों के नाम पर। कहीं किसी नेता द्वारा बन्द किये जाने पर तो कहीं किसी दुर्घटना बलात्कार या हत्या के नाम पर। किसी को भी भीड़ अपना शिकार बना देती है। नहीं तो कोई भी सरकारी अथवा ग़ैर सरकारी वस्तुओं को जला देती है अथवा नष्ट कर देती है। हर जगह भीड़ ही अपना फैसला कर लेना चाहती है, सरकार इन घटनाओं को रोकने के लिए मामला दर्ज करती है। लेकिन कभी कोई ठोस कदम उठा नहीं पाती है |

इसलिए जब “मॉडल कानून” बन जायेगा तो संभवतः सरकार भी कोई कड़ा नियम बना पायेगी। और भीड़ के द्वारा होनेवाली हिंसक और क्रूर अपराध को काफ़ी हद तक रोक पायेगी। इस तरह से अफवाहों पर लगाम भी लगाया जा सकेगा।

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