ममता दीदी का नया पैतरा

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ममता दीदी का नया पैतरा
ममता दीदी का नया पैतरा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कल तक भारतीय जनता पार्टी को ही अपना निशाना बनाये हुए थी | केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार एवं उसके मुखिया नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रमों को स्पष्ट रूप से नकार रही थी | अभी भी केंद्र सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रमों को पश्चिम बंगाल में ममता सरकार लागु करने में ढुलमूल रवैया अपनाये हुए है | उनके विरुद्ध तरह तरह के बयानबाजी करती है | भारतीय जनता पार्टी को २०१९ के लोकसभा चुनाब में हराने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाने के साथ साथ सभी भाजपा विरोधी दलों को एक मंच पर आने का आवाहन किया और इसमें कुछ सफलता भी पायी | परन्तु हाल के बयानों में वो कांग्रेस और कम्युनिस्टों को भी भाजपा के साथ लपेट लिया | भाजपा को तो उन्होंने ने आतंकवादी दल तक कह डाला | इस तरह से महागठबंधन को भी धक्का जरुर लगा होगा | कांग्रेस एवं कम्युनिस्टों को भाजपा के साथ लपेटने में ममता का स्पष्ट संकेत है की वो २०१९ के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और कम्युनिस्टों के लिए एक भी सीट खली नहीं कर सकती है | सच तो यह है वो एक भी सीट गँवाना नहीं चाहेगी | दुसरे दल को सीट देने से उनकी पार्टी में विरोध का स्वर उठ जाएगा | ममता बनर्जी ने तो महागठबंधन की चर्चा तो कर दी और पहल भी किया परन्तु आनेवाले दिनों में यह गठबंधन ममता के लिए ही गले का फ़ांस बन जायेगी |

देश के एक्सचेंज प्रोग्राम के अन्तर्गत दल के अध्यक्ष के रुप मे ममता जी को चीन जाने का कार्यक्रम तय था मगर प्रस्थान समय से लगभग एक घंटे पहले चीन जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया | उनका इरादा चीन में व्यापारिक एवं वाणिज्यक मुद्दों के अतिरिक्त राजनीतिक खास कर विदेश नीति पर चीन के खास स्तर के राजनीतिज्ञों से बातचीत का था | परंतु चीन की सरकार ने इस प्रस्ताव की मंजूरी नहीं दी | इसलिए ममता दीदी ने चीन जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया |

ममता दीदी विदेश नीति पर चीन में चर्चा कर राष्ट्रीय एवं अन्तर राष्ट्रीय पहचान बनाना चाहती थी | एक्सचेंज प्रोग्राम के अन्तरगत विदेश नीति पर चर्चा का कोई प्रस्ताव ही नहीं था न हीं भारत सरकार द्वारा उन्हें अधिकृत किया गया था |

चीन नहीं जाने के कार्यक्रम में एक मुद्दा यह भी है की एक्सचेंज प्रोग्राम ८ दिनों का था | इतना समय वो पश्चिम बंगाल से बाहर रहना नहीं चाहती थी | ऐसा लगता है की उनके प्रदेश में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है | पार्टी अध्यक्ष के साथ साथ वे मुख्यमंत्री भी हैं | संगठन एवं प्रशासनिक दायित्व एकसाथ निभाना थोडा मुश्किल होता ही है | उनको अभी राष्ट्रिय स्तर की अपनी छवि बनानी है |

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