मोदी की कक्षा में पूरा देश

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मोदी की कक्षा में पूरा देश
मोदी की कक्षा में पूरा देश

बच्चे शिक्षक तथा अभिभावक आज सभी लोग खुद को लाभांवित महसूस कर रहे हैं। क्यूंकि बच्चों से जुड़ी छोटी अथवा बड़ी सभी जानकारियां महत्वपूर्ण होती है। जब वही जानकारियां अगर देश के प्रधानमंत्री मोदीजी के द्वारा प्राप्त हो तब उस जानकारी का कोई तोड़ ही नहीं हो सकता है।

मोदीजी के द्वारा दी गई कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सिर्फ आपके लिए।

सवाल थे बच्चों की परीक्षा के दौरान बच्चों अथवा अभिभावकों के मध्य कैसा माहोल होना चाहिए?

उत्तर था – सहजता का।

बच्चे किस प्रकार स्वयं को परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल से दूर रखे? इसे जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण नहीं बल्कि बाकी परीक्षाओं की तरह से ही सहजता से लें। बच्चे किस तरह से शिक्षक के सामने स्वयं की स्थिति को महत्वपूर्ण बना सके?

अपने मन में दृढ़ निश्चय करके जिससे उनका व्यक्तित्व स्वयं उभर के सामने आये। 
एक तो परीक्षा का तनाव, अभिभावकों की आकांक्षाएं उस पर तुलनात्मक माहोल में तैयारी कैसे किया जाए?

मन के कुविचारों को कागज पर उतार कर उसे फार देने से मन तनाव मुक्त हो जाता है। 
यदि कोई  बच्चा सभी विषयों पर बराबर ध्यान नहीं दे सके तो उस बच्चे का परिणाम कैसे अच्छा होगा?

जिसमें वह स्वयं को पूर्णतः उभार सके बच्चों को उसी को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए। 
किसी भी प्रकार के तनाव अथवा अभाव वाले माहोल में तैयारी कैसे करें? 
अपने किसी खास अथवा अच्छे मित्र से बात विमर्श कर के जिससे अभाव भी पूरी हो जाये अथवा तनाव मुक्त भी हो जायें।

अच्छे नम्बरों के दबाव में तैयारी कैसे करें?

मेहनत हमारे हाथों में होती है परिणाम मेहनत के हाथों में आप जो कर सकते हैं बस उतना ही कीजिये। इन सवालों को मोदीजी ने बड़े ही सहजता से जवाब दिया|

ये तो थे कुछ बच्चों के जायज सवाल। कुछ अभिभावकों द्वारा पूछे गए सवाल भी थे। जैसे कि। 

बच्चे अक्सर टेक्नोलॉजी में घुसे रहते हैं 
अधिक से अधिक समय दोस्तों के साथ बिताते हैं 
पढ़ाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते हैं 
इनमें पढ़ायी के प्रति कैसे जागरूकता लाया जाए? इत्यादि 

मिला जुला कर अभिभावकों के लिए उत्तर यही है कि वह अपने बच्चों को समझे उनकी सोच अथवा जरूरतों पर अत्यधिक ध्यान दें। उन पर किसी भी प्रकार का कोई दवाब न बनाएं, उनके हर बदलाव पर प्रतिक्रिया देते रहें, जैसे बचपन में उनके हर कार्य पर उनको प्यार और सहानभूति से समझाते या राह दिखाते थे वैसा ही माहोल बनाने की कोशिश करते रहें। उनको टेक्नोलॉजी के राह पर नए नए खोज की राह दिखाएं। उनकी तुलना किसी के साथ कभी भी न करें बल्की वो ही मेरे लिए सबसे उत्तम है ऐसा उनको विश्वास दिलाएं।खुद को उनकी जगह पर रख कर अपनी और उनकी स्थिति की समीक्षा करें। हमेशा सकारात्मक सोच वाली ऊर्जा का संचार ही करें। उनके ऊपर अपनी अधूरी सपनों को पूरा करने का दवाब न बनाये। उनको उनके क्षमता के अनुरूप ही बनने दें। अन्ततः प्रत्येक बच्चे की अपनी एक क्षमता अथवा ताकत होती है बस समय पर सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। 

मोदीजी के कक्षा में जो भी सवाल पूछे गए उन सवालों को समझना अथवा गम्भीरता से लेना सभी अभिभावकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण जानकारी है।

बच्चे भविष्य की धरोहर है उनके लिए लिये गये सभी छोटी अथवा बड़ी बात महत्वपूर्ण है।


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