प्रदूषण मुक्त भारत

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प्रदूषण मुक्त भारत
प्रदूषण मुक्त भारत

वैसे तो जीने के लिए बहुत सी चीजो कि आवश्यकता होती है, जिनमें जल और वायु सर्वोच्च है, जल और वायु इसके बीना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं,  मनुष्य पशु पक्षी अथवा पेड़ पौधे इन सभी कि प्राथमिक जरुरत जल ओर वायू ही है लेकिन आज हम इन दोनों ही चीजों को इस तरह बर्बाद कर रही है जैसे कि हमे इसकी जरूरत ही नहीं है | 

कहा जाता है कि जल की कीमत उनसे पूछो जो रेगिस्तान कि तपति धुप में एक बूंद पानी को तरसे वैसे तो हमारी धरती का 70%भाग पानी है लेकीन पीने का पानी सिर्फ 3%ही है। ओर हम उनमे से भी शहर अथवा गाव से जुड़े हुए नदी तालाब झील सरोवर इन सभी का पानी काफ़ी हद तक बर्बाद कर चुके हैं ।

पहले लोग कहीँ का भी पानी कभी भी पी लेते थे ओर उसका उपयोग किसी भी प्रकार के काम में कर लिया करते थे। लेकिन आज हम अपने चारों ओर सिर्फ प्रदूषण ही फैला रहे हैं हमारे चारों तरफ़ ऊँची ऊंची इमारतें, बड़ी बड़ी काअरखाने, छोटी बड़ी दुकानें ये ही सब तो है, आखि़र हम इन सभी जगाहो की गंदगी कहा पर फेंकते हैं या तो छोटी बडी नदी तालाब झील के किनारे फ़ेक देते हैं, या फिर किसी खाली मैदान में । जिसका परिणाम क्या होता है मैदानों में गंदगी का जम जमाव हो जाता है ओर वहां का वातावरण प्रदूषित हो जाता है। नदी नालों का पानी गन्दा हो जाता है ओर उनमे रहने वाले जीव मर जाते हैं या बीमारी फैल जाती है। यही नदियों का पानी जब समुद्र में मिलती है तो वहां भी प्रदूषण फैल जाती है।

और अब तो ऐसा हो गया है कि कितने ही तरह तरह के जीव जंतु धरती से पुरी तरह से विलुप्त हो चुका है और कुछ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं।अगर हम आज भी नही संभले तो सायद हमे भविष्य में संभलने का मौका भी ना मिले ।

सरकार के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अभियान चलाये जा रहे हैं टी वी, रेडियो, इंटरनेट, अखबार ओर न जाने कीया सब हर जगह कोई न कोई प्रचार प्रसार या चेतावनी आती ही रहती है। लेकिन कुछ लोगों पर असर होता है बाकि लोग पढ़ते तो ही! सुनते भी हैं लेकिन फिर “रात गयी बात गयी” जैसी कहावत के अनुसार वही छोर देते हैं। 

मै नही कहती कि आप नदी तालाब या चॉक चोरहे की सफाई करे। आप कम से कम अपने रहने के आस पास की सफाई कर लो अगर कहीं आस पास गंदगी का जम जमाव हो तो नगर निगम वालों को बुला कर सफ़ायी करवा दिया करे आपको देख कर दूसरे भी आयेंगे और भी लोग साफ सफाई करना चाहेंगे। आप उनके लिए प्रेरणा बन जाएँगे। 

आज हम सब मील कर यह संकल्प लें कि हम भी अपना थोरा ही सही लेकिन सहयोग जरुर देंगे। हम अपने आसपास के नदी तालाब कुंआ पोखर इन जैसी जगहों पर कचरा नहीं फेकेंग। उन जगाहों पर साफ सफाई रखेगे |

हमारे घरों से निकलने वाली गंदगी का जितना हो सके उसे अपने घर में ही समाप्त करने की कोशिश करेंगे। जिनका उपयोग दुबारा कीया जा सकता है उनका उपयोग करेंगे, जिन वस्तुओं से प्रदूषण फैलता है उनका उपयोग कम से कम करेंगे। 

तब ही तो हम पानी ओर पेड़ जैसी अमूल्य धरोहर को बचा पाएंगे। ओर हम अपने आने वाले पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ पानी ओर सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ जीवन दे पाएंगे। 

हम अपने इस छोटी सी शुरुआत से हम एक दिन जरुर स्वच्छ और स्वस्थ समाज ओर देश की स्थापना अथवा निर्माण कर पाएंगे।

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