राफेल डील से कांग्रेस नाराज क्यों !

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राफेल डील से कांग्रेस नाराज क्यों !
राफेल डील से कांग्रेस नाराज क्यों !

भारत सरकार एवं फ्रांस की सरकार के बीच हुए समझौते के आधार पर फ्रांस के 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का भारत ने सौदा किया | कांग्रेस की सरकार ने इस विमान को खरीदने के लिये 2007-2013 तक विचारता रहा, बातचीत अन्तिम दौर में नहीं पहुँच सका | कांग्रेस की नाराजगी इस बात से लेकर है कि दोनों देशों की सरकारों के बीच सौदा तय हो जाने के कारण रक्षा मामलों में खरीद फरोख्त के लिये कांग्रेस की बिचौलिये वाली नीति से जनता अवगत हो गई | कांग्रेस के प्रति जनता में गलत संदेश पहुँच गया | इससे बचने के लिये वो तरह-तरह के झूठे आरोप लगाकर वर्तमान सौदे को रद्द करवाना चाहती है | सीधा-सीधा प्रधानमंत्री मोदी पर अनिल अंबानी को बिचौलिये के रूप में तीस हजार करोड़ रूपये काला धन दिलवाने का आरोप है | ना कोई टेन्डर, ना कोई कमिटी, सौदा सीधे-सीधे मोदी द्वारा डील हुई |

सच तो ये है कि वर्तमान रक्षा सौदे में सारी प्रक्रियायें, जो आवश्यक थी, उसे अपना कर ही सौदा को अन्तिम रूप दिया गया | अनिल अंबानी को फ्रांस की निर्माता कम्पनी ‘डसॉल्ट राफेल‘ ने ही पार्टनर के रूप में लाया | कहीं कोई भी बिचौलिया नहीं है | राफेल एक बहुत ही गुणवत्ता वाला फाइटर प्लेन है जो भारत की रक्षा तंत्र की मजबूती के लिये आवश्यक है | अब तो इस सच पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर लग चुकी है |

यहाँ यह भी ध्यान देना जरूरी है कि भारत फ्रांस के अलावे रूस, अमेरिका एवं इजराइल से भी अत्याधुनिक हथियारों का सौदा किया है मगर कांग्रेस को उस पर कोई आपत्ति नहीं है | आपत्ति है तो सिर्फ राफेल लड़ाकू विमान की खरीदारी पर, इससे क्या अर्थ निकलता है? मोदी सरकार ने बहुत ही कम समय में बिना बिचौलियों के दोनों सरकार की बीच सौदा तय कर लिया | एक राफेल की जो कीमत कांग्रेस ने अपनी सरकार के समय तय किया था उस कीमत में समय के साथ बढ़ोत्तरी के हिसाब से आज की कीमत से कम कीमत पर खरीदा जा रहा है | इससे कांग्रेस में बौखलाहट है |

कांग्रेस की मंशा थी कि राफेल सौदे को इस तरह घुमाया जाय कि प्रधानमंत्री मोदी इतने दागदार हो जाँये कि उनको होश भी न आये | बोफोर्स घोटाले का नुकसान जिस तरह राजीव गाँधी को भुगतना पड़ा उसका बदला ठीक उसी तरह मोदी जी को दागदार बना कर लिया जाय | इसलिये वो मोदी को कठघरे में खड़ा करना चाहती थी | राफेल सौदे को गलत करार कर सौदे को रद्द करने तथा मोदी को कलंकित करने के लिये खरीद की विभिन्न प्रक्रियाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पाँच मुकदमें हुए | मुकदमा चला और फैसला आया | फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने पाँचों को खारिज कर दिया | फैसले से मोदी एवं मोदी की सरकार को बहुत बड़ी राहत मिली | सुप्रीम कोर्ट ने तो यहाँ तक स्पष्ट कर दिया कि यह सौदा किसी व्यक्ति विशेष को लाभ देने के लिये नहीं किया गया है न ही किसी व्यक्ति विशेष को कोई लाभ मिला है |

राफेल गुणवत्तापूर्ण फाइटर प्लेन है जिसकी जरुरत भारत को है | सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस और बौखला गई है | वो बोफोर्स घोटाले में हुए नुकसान की भरपाई चाहती थी मगर चूक हो गई |


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