व्यभिचार का अन्त

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व्यभिचार का अन्त
व्यभिचार का अन्त

व्यभिचार‘ अपने आप में एक पूर्ण अर्थ रखने वाला हिन्दी का शब्द है जिसका एक मात्र पर्यायवाची शब्द ‘छिनार’ है | इसका मूल अर्थ आपराधिक ज्ञान से जुड़ा है | सुप्रीम कोर्ट ने २७ सितम्बर २०१८ के अपने ऐतिहासिक फैसले में व्यभिचार से निकलने वाले आपराधिक पक्ष को व्यभिचार से मुक्त कर दिया है | नफा या नुकसान सिर्फ और सिर्फ व्यभिचार शब्द के साथ हुआ है | इस हिन्दी शब्द का अस्तित्व समाप्त हो गया है | हिन्दी भाषियों एवं साहित्यकारों को व्यभिचार के स्थान पर एक शब्द ढूढ़ना पड़ेगा जिससे इसके अन्तर्गत होने वाली अनैतिक क्रियाओं को आपराधिक ज्ञान से अलग एक नैतिक सामान्य क्रिया का बोध होगा | हिन्दी शब्दकोष से व्याभिचार शब्द हटा दिये जायेंगे | साहित्यकारों को थोड़ा मानसिक परिश्रम तो करना ही होगा | 


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