गलवान घाटी में जान गंवाने वाले 20 भारतीय सैनिकों याद में युद्ध स्मारक बनाया गया

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गलवान घाटी में जान गंवाने वाले 20 भारतीय सैनिकों याद में युद्ध स्मारक बनाया गया
गलवान घाटी में जान गंवाने वाले 20 भारतीय सैनिकों याद में युद्ध स्मारक बनाया गया

लद्दाख की गलवान घाटी में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत Y-जंक्शन के पास चीन की PLA (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) को ऑब्जर्वेशन पोस्ट से हटाने के बाद भारत और चीन के बीच जो कुछ हुआ वह किसी छोटे युद्ध से कम नहीं था।

इस घटना में जान गंवाने वाले सैनिकों के सम्मान में KM-120 पोस्ट के पास यूनिट लेवल पर मेमोरियल बनाया गया है। यह लद्दाख के दुरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी की स्ट्रेटिजिक रोड पर स्थित है। इस पर सभी 20 सैनिकों के नाम अंकित हैं।

मेमोरियल वॉल पर परिचालन विवरण के अनुसार, गलवान घाटी में 15 जून, 2020 को कर्नल बी संतोष बाबू कमांडिंग ऑफिसर 16 बिहार के क्विक रिएक्शन फोर्स का नेतृत्व किया और AY नाला से PLA OP को बेदखल करने और पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 में आगे बढ़ने का जिम्मा सौंपा।

इस कॉलम ने PLA OP को Y नाला से सफलतापूर्वक बेदखल कर दिया और PP 14 पर पहुंच गया जहां भारतीय सेना और PLA सैनिकों के बीच जबर्दस्त झड़प छिड़ गई। कर्नल बी संतोष बाबू ने सामने से नेतृत्व किया और उनके सैनिकों ने बहादुरी से संघर्ष किया, जिससे पीएलए को भारी जनहानि हुई। इस लड़ाई में बीस “गलवान के बलवानों” ने शहादत हासिल की।

भारत और चीन अप्रैल-मई से चीनी सेना द्वारा फ़िंगर एरिया, गैलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स, और कोंगरुंग नाला सहित कई क्षेत्रों में किए गए अतिक्रमण को लेकर गतिरोध में लगे हुए हैं।

जून में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़पों में 20 भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद हालात और बिगड़ गए थे।

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