“घाटों पर लगाए प्रतिबन्ध को हटाने “के सम्बंध में छठ पूजा समिति ने गोपाल राय से की मुलाकात

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दिल्ली में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को कम करने के लिए दिल्ली सरकार अपनी हर मुमकिन कोशिश कर रही है लेकिन उनके कुछ फैसलों से पूर्वांचल के लोग न खुश है। सालभर में एक बार पड़ने वाला “छठ पूजा” का उत्सव ,जिसका महत्व पूर्वांचल लोगों के लिए बहुत ज्यादा होता है। इस वर्ष छठ पूजा पर दिल्ली सरकार ने घाटों पर सामुदायिक रूप से छठ उत्सव पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि कोरोना न फैल सके। सरकार ने पूर्वांचल के लोगों से निजी स्थान पर ही छठ पूजा मामने के लिए बोला है। ऐसे में छठ पूजा संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय से मिलने पहुंचा। इस विषय को लेकर बैठक करी ,जिसमें समिति ने पर्यावरणमंत्री को घाटों पर लगाए गए प्रतिबंध वाले फैसले को लेकर पुनर्विचार करने के लिए कहा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छठ पूजा घाटों पर मनाने पर प्रतिबंध न लगाए इसके स्थान पर कुछ सीमित संख्या में और कुछ नियमो के साथ घाटों पर छठ उत्सव आयोजित करने की अनुमति दें।

गोपाल राय ने छठ पूजा समिति को आश्वासन दिया है कि वह दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल से बात करेंगे। प्रतिनिधमंडल में पालम निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी की विधायक भावना गौंड शामिल है।

दिल्ली आपदा प्रबंधन समिति (DDMC) ने आदेश दिया है कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण इस बार छठ पूजा किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आयोजित नहीं की जाएगी। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है महामारी के बीच भीड़ इकट्ठा करने से बचे। जो लोग कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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