लेफ्ट पार्टियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने हाथरस के पीड़ित परिवार से मुलाकात की

0
20
लेफ्ट पार्टियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने हाथरस के पीड़ित परिवार से मुलाकात की
लेफ्ट पार्टियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने हाथरस के पीड़ित परिवार से मुलाकात की

हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने के बाद वामपंथी दलों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग उठाई और उत्तर प्रदेश सरकार से भी अनुरोध किया कि वह प्रमुख मुद्दे से हटाने की कोशिश न करे।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) के महासचिव, सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव, डी राजा, और CPI (M) पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात, अमरेंद्र कौर, और अन्य लोगों ने परिवार से हाथरस में उनके घर पर मुलाकात की।

येचुरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा, हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया है। हम एक स्वतंत्र न्यायिक जांच चाहते हैं, न कि किसी सरकारी एजेंसी से। भारत के संविधान से जो हमें अधिकार मिले हैं उसका उलंघन किया गया है।

उन्होंने कहा, कोशिश की जा रही है कि मूल मुद्दे से ध्यान भटका के किसी प्रकार से इसे जातिगत संघर्ष के रूप में बदल दिया जाय। ये सभी मुद्दे गौण हैं। प्रमुख मुद्दा न्याय है।

इस बीच, इस मुद्दे के बारे में बोलते हुए डी राजा ने कहा, “यह परिवार, देश के किसी भी अन्य दलित परिवार की तरह, सहानुभूति नहीं चाहता है, वे न्याय चाहते हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच चाहते हैं। यह मानवाधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई है। दलितों के साथ मानव जैसा व्यवहार नहीं किया जाता है।

प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने से राज्य सरकार सहित किसी के लिए भी मानहानि का कारण नहीं होगा।

विपक्ष ने दोषियों को खोजने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सबूतों को इकट्ठा किया जाना चाहिए, और कार्रवाई जल्द से जल्द की जानी चाहिए, और सरकार से आग्रह किया कि वह किसी भी बहाने के तहत न्याय देने में देरी न होने दें।

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही पीड़ित परिवार द्वारा सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को स्वीकार कर चुकी है।

पुलिस विभाग ने सोमवार को पीड़िता के भाई सहित परिवार के कुछ सदस्यों को व्यक्तिगत सुरक्षाकर्मियों के अलावा हाथरस पीड़िता के घर के बाहर चौबीसों घंटे सुरक्षा तैनात की।

2 अक्टूबर को, उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्कालीन एसपी, डीएसपी, एक इंस्पेक्टर और कुछ अन्य अधिकारियों को इस मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की पहली रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया था, यहां तक कि इस मामले को आगे की जाँच पड़तालके लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया था।

19 साल की हाथरस की महिला ने पिछले महीने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित को “सर्वाइकल वेर्तेब्रा” का फ्रैक्चर हुआ था।

29 सितंबर को युबती की मौत के बाद से विपक्षी दलों और समाज में भारी नाराजगी थी, सोशल मीडिया पर भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया,  एक विडियो में प्रशासन द्वारा परिवार के सदस्यों की उपस्थिति के बिना ही शव का अंतिम संस्कार करते हुए दिखाया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here