प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए सरकार के प्रमुख के रूप में 20वें वर्ष में प्रवेश किया

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए सरकार के प्रमुख के रूप में 20वें वर्ष में प्रवेश किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए सरकार के प्रमुख के रूप में 20वें वर्ष में प्रवेश किया

एक और मील का पत्थर पार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिना किसी ब्रेक के लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रमुख के रूप में 20वें वर्ष में प्रवेश किया।

सार्वजनिक कार्यालय में प्रधानमंत्री का सफर गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 7 अक्टूबर, 2001 को शुरू हुआ था। इसके बाद क्रमश 2002, 2007 और 2012 में गुजरात के सीएम के रूप में कार्यरत रहे।

गुजरात के सीएम के रूप में तीसरे कार्यकाल के दौरान, मोदी ने 2014 के आम चुनाव लड़े। उनकी लोकप्रियता, जो राज्य के अंदर और बाहर दोनों जगह उफान पर थी, भाजपा ने 2013 में उन्हें अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया।

उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया था।

केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार को हराकर मुख्यमंत्री मोदी ने केंद्र की बागडोर संभालने के लिए गुजरात छोड़ दिया। तब से, उन्होंने एनडीए गठबंधन के साथ केंद्र में अपनी स्थिति को मजबूत किया और 2019 के लोकसभा चुनावों में और भी बड़े अंतर के साथ केंद्र में अपना स्थान बनाए रखा।

यदि पहला कार्यकाल लोगों की जरूरतों को पूरा करने का रहा, तो दूसरा कार्यकाल जो 2019 से सुरु हुआ है, 130 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए होगा हैं। जम्मू और कश्मीर का अंततः भारत में पूरी तरह से बिलय हो गया और अब धारा 370 इतिहास है। राम मंदिर अब एक वास्तविकता है, प्रभु राम के जन्म स्थान पर एक भव्य राम मंदिर के निर्माण हो रहा है। ऐतिहासिक कृषि सुधार अब एक वास्तविकता है और हमारे किसान अंततः कृत्रिम रूप से लगाए गए जंजीरों से मुक्त हो गए है।

अन्य सुधारों जैसे श्रम सुधार, कोयला सुधार, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी उद्यम की अनुमति, FDI सुधार और कर सुधारों ने आर्थिक विकास की नींव रखी है।

इस बीच, एक निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री की यात्रा विनाशकारी भुज भूकंप के लिए राहत कार्य की पृष्ठभूमि से 2001 में शुरू हुई थी।

बाद के वर्षों ने उन्हें कई जन-समर्थक नीतियां को आगे बढ़ाते हुए देखा गया और सक्रिय रूप से सीधे लोगों तक पहुंचने या उनसे संवाद करने कि कोशिश करते रहे, जिससे उनकी छबि एक जन नायक  नेता के रूप में उभरने लगी।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री बनने के बाद भी, उन्होंने जन-समर्थक नीतियां को जारी रखा जैसे जन-धन योजना, मुद्रा योजना, जन सुरक्षा योजना, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम-किसान योजना और अन्य।

इसके अलावा, COVID-19 महामारी के दौरान भी गरीबों के कल्याण कि योजनाएं जारी रहीं, जिसके तहत लॉकडाउन के दौरान खाद्यान्न, रोजगार, प्रवासी श्रमिकों, किसानों को वित्तीय मदद देने की व्यवस्था की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक कार्यालय में लगातार 20वें वर्ष में प्रवेश किया  ”सबका साथ सबका विकास” उनका मूल मंत्र है जो भारत को “आत्मनिर्भर भारत” बनाने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाता है।

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