प्रकाश पर्व की खुशियाँ मनाई भारतीय सैनिकों के संग

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राजस्थान। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवाली भारतीय सेनाओं के बीच मनाई गई। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवाली राजस्थान के जैसलमेर बॉर्डर के लोंगा वाला पोस्ट पर भारतीय सेनाओं के जवानों के साथ मनाई गई। प्रधानमंत्री के साथ बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख एमएम नरवाणे भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का डी डी न्यूज पर लाईव प्रसारण किया गया
2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक वर्ष निरंतर भारतीय सेनाओं के साथ मनाते आ रहे हैं। दीपावली के एक दिन पहले ही शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ट्वीट कर अपील किया ‘इस त्यौहार के दिन सैनिकों के सम्मान में एक दिया जरूर जलाएं।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के जैसलमेर बॉर्डर पर सैनिकों के संग दीपावली मनाई व सैनिकों का हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया ‘मैं आज आपके बीच प्रत्येक भारतवासी की शुभकामनाएं लेकर आया हूं आपके लिए प्यार लेकर आया हूं आशीष लेकर आया हूं मैं आज उन वीर माताओं बहनों और बच्चों को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं उनके त्याग को नमन करता हूं जिनके अपने सरहद पर हैं।’
हिमालय की बुलंदियां हो रेगिस्तान का विस्तार हो घने जंगल हो या फिर समंदर की गहराई हो हर चुनौती पर हमेशा आपकी वीरता भारी पड़ी है।
डी डी न्यूज पर लाईव प्रसारण किया गया ‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए, भारतीय सेनाओं के कोरोना काल के संकट के समय किए गए बहादुरी के कार्यों की भी चर्चा की , भारत की तीनों सेनाओं ने संकट के समय भारतीय नागरिकों को विदेश से सुरक्षित अपने देश वापस लौटाया । कोरोना काल में भी सैन्य अभ्यास निरंतर जारी रहे। हमारी तीनों सेनाएंअभिनंदन के अधिकारी हैं।’
राजस्थान का जैसलमेर बॉर्डर
बी बी सी के अनुसार, आपको बता दें कि यह राजस्थान का जैसलमेर बॉर्डर वही है जब सन् 1971 को भारतीय सैनिकों ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाई थी। इस युद्ध के हीरो ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी को भारतीय फौज में उन्हें शानदार सेवाओं के लिए महावीर चक्र विशिष्ट सेवा मेडल से पुरस्कृत किया गया। इसी युद्ध पर भारतीय सिनेमा में बाॅर्डर फिल्म भी बनाई गई है। इस युद्ध में 130 भारतीय जवान तैनात जिन्होंने पूरी बहादुरी से पाकिस्तान पर जीत हासिल की, 1971का यह युद्ध 3 दिसंबर शाम को शुरू हुआ जो करीब 13 दिन तक चला और भारतीय जवानों की बहादुरी से यह युद्ध जीता गया।

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