राहुल – प्रियंका गांधी गिरफ्तार, राहुल गांधी का आरोप पुलिस ने लाठी मारकर गिराया

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राहुल गांधी - प्रियंका गांधी गिरफ्तार, राहुल गांधी का आरोप पुलिस ने लाठी मारकर गिराया
राहुल गांधी - प्रियंका गांधी गिरफ्तार, राहुल गांधी का आरोप पुलिस ने लाठी मारकर गिराया

उत्तर प्रदेश में हाथरस कांड पीड़िता के परिजन से मुलाकात करने जा रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिए निकल गए। इसके बाद, पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर दोनों कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। राहुल गांधी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके लाठी मारकर गिरा दिया। जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोका गया था, वहां से हाथरस की दूरी 142 किलोमीटर है। हाथरस जिलाधिकारी पी.के. लक्षकार ने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा-144  लागू कर दी गई है, जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं।

हाथरस जा रहे राहुल गांधी ने पुलिस से कहा, ”मैं अकेले हाथरस जाना चाहता हूं। कृपया बताएं कि किस धारा के तहत मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं।” इसके जवाब में पुलिस ने कहा कि हम आपको एक आदेश के उल्लंघन के लिए आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार कर रहे हैं।

पैदल ही हाथरस जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर गिरफ्तार कर लिया है।

पैदल हाथरस जा रहे राहुल गांधी ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अभी पुलिस वालों ने मुझे धकेल के लाठी मारकर गिराया है। ठीक है, मैं कुछ नहीं कह रहा हूं, कोई प्रॉब्लम नहीं। उन्होंने कहा, ”मैं यह पूछना चाहता हूं कि क्या देश में सिर्फ मोदीजी ही पैदल चल सकते हैं। आम आदमी क्यों नहीं चल सकता है। हमारी गाड़ी को रोका गया, इसलिए हम लोग पैदल चलने लगे।”

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा, ”ये जो भाई-बहन दिल्ली से चले हैं, उन्हें राजस्थान जाना चाहिए था। जहां भी ऐसी घटना होती है, वह जघन्य अपराध होता है। राजस्थान में भी वारदात हुई थी, मगर कांग्रेस हाथरस की घटना पर गंदी राजनीति कर रही है।”

नरेंद्र मोदी ने इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन करके इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कड़ा हमला करते हुए केंद्र सरकार से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करने या राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। राज्य सरकार ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मायावती के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक हजार से ज्यादा दलितों की हत्या हुई थी और आज वह सरकार पर उंगली उठा रही हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाथरस में हुई घटना को बर्बरतापूर्ण एवं शर्मनाक करार देते हुए कहा कि पीड़िता के जबरन अंतिम संस्कार ने उन लोगों की कलई खोल दी है, जो मत हासिल करने के लिए झूठे वादे करते हैं और नारों का इस्तेमाल करते हैं।

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