नेपाल ने केवल गंभीर रूप से संक्रमित रोगियों को ही अस्पतालों आने के लिए कहा है

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नेपाल ने केवल गंभीर रूप से संक्रमित रोगियों को ही अस्पतालों आने के लिए कहा है
नेपाल ने केवल गंभीर रूप से संक्रमित रोगियों को ही अस्पतालों आने के लिए कहा है

सभी अस्पताल के बेड भड़े हुए हैं और नेपाल में COVID-19 मामलों की संख्या आसमान छू रही है, नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमित लोग जिनकी हालत ज्यादा बिगड़ गयी है उन्ही को अस्पताल आने के लिए कहा है।

हिमालयी राष्ट्र में COVID-19 मामलों में वृद्धि जारी है, हाल के सप्ताहों में, सक्रिय मामलों की कुल संख्या 25000 के पार चले गए हैं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से केवल आपात स्थिति के समय में ही अस्पताल आने के लिए कहा है।

संक्रमण में वृद्धि के साथ, अस्पताल बेड की कमी हो रही हैं। COVID-19 के मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पा रहा है। हालांकि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए सुविधाओं का प्रबंधन किया जा रहा है, लेकिन काठमांडू में मामलों में अचानक आई वृधि के कारण स्थिति भयावह हो गई है। स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के प्रवक्ताओं में से एक डॉ जगदीशवर गौतम ने कहा, अगर संक्रमण लगातार इसी रफ़्तार बढ़ता रहा तो अस्पताल इसका बझ सहन नहीं कर पाएंगे।

हिमालयी राष्ट्र ने COVID-19 के 3439 नए मामलों दर्ज किये गए जो दैनिक मामलों में सबसे अधिक संख्यां में है, कूल संक्रमितों कि राष्ट्रीय संख्या 94, 253 हो गई है, और मरने वालों की संख्या 578 है।

देश की संक्रमण दर 22.4 प्रतिशत है, जबकि COVID-19 से पीड़ित रोगियों के ठीक होने का दर 70 से 80 प्रतिशत के बीच में है।

चिकित्सा क्षेत्र की स्थिति नेपाल में हमेशा ख़राब रही है लकिन संक्रमितों कि संख्या बढ़ने के साथ ही पर्याप्त बेड और वेंटिलेटर की कमी होने लगी है जिसके कारण स्थिति और बदतर होते जा रही है।

दैनिक आधार पर बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमित लोगों से अपील किया है कि जिनकी हालत ज्यादा बिगड़ गयी वही लोग अस्पताल आयें।

गौतम ने बुखार, खांसी और नाक बहने वाले लोगों से अस्पताल नहीं आने का अनुरोध किया है, हालांकि ये संभव है कि ये लक्षण COVID-19 या फ्लू के भी हो सकते हैं।

प्रवक्ता डॉ गौतम ने कहा, वर्तमान में, बुखार, खांसी या बहती हुई नाक जैसे साधारण लक्षण दिखने पर लोग अस्पताल आने लगे है, ये लक्षण आम सर्दी जुकाम के भी हो सकते हैं। इसलिए, हम संक्रमित लोगों से अनुरोध करते हैं कि यदि आप को साँस लेने में कठिनाई हो रही हैं या बेहोश हो रहे हैं और पेशाब में समस्या का अनुभव कर रहे हैं तभी आप अस्पताल आयें।

मंत्रालय के अनुसार, सितंबर के अंत तक नेपाल में 930 वेंटिलेटर थे जबकि आईसीयू बेड की संख्या 2,600 थी। बुधवार को 25,007 सक्रिय मामलों की पुष्टि के साथ, हिमालयी राष्ट्र के आसपास के अस्पतालों में बेड लगभग भर चुके हैं।

पहले चरण में नेपाल में COVID -19 संक्रमण भारत और चीन की सीमा से लगे जिलों में फैल गया था, जो अब राजधानी काठमांडू और घाटी की ओर बढ़ गया है।

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